『श्लोका- Everyday』のカバーアート

श्लोका- Everyday

श्लोका- Everyday

著者: Dainik Jagran
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10月19日まで。※適用条件あり

श्लोका Everyday है एक ऐसा खास कार्यक्रम जिसमे आप सुनेंगे भारतीय संकृति से जुड़े ऐसे श्लोक , स्तुति , मंत्र और दोहे जो आपके जीवन को मूल्यवान बनाएँगे, आप न सिर्फ कंठस्थ करेंगे यहाँ तक कि आप प्रत्येक श्लोक , मंत्र , स्तुति आदि का अर्थ भी सुनेंगे जो आपको विद्या , बल , बुद्धि , धन और समृद्धि प्रदान करेंगे ।

भारतीय संस्कृति से आपको जोड़े रखने का एक बेहतरीन जरिया है ये खास कार्यक्रम सुनते रहिए Shloka Everyday.

2025 Copyright ©2021 Jagran Prakashan Limited.
スピリチュアリティ ヒンズー教 社会科学
エピソード
  • चाणक्य नीति | क्यूँ नहीं करना चाहिए एक दूसरे से भेद प्रकट ? सुनें श्लोक
    2025/05/02

    जो लोग एक-दूसरे के भेदों को प्रकट करते हैं, वे उसी प्रकार नष्ट हो जाते हैं जैसे बांबी में फंसकर सांप नष्ट हो जाता है।

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    1 分
  • कर्म का त्याग करने से तुम्हारे शरीर का भरण पोषण भी संभव नहीं होगा। श्लोका- Everyday
    2025/02/12

    तुम्हें निर्धारित वैदिक कर्म करने चाहिए क्योंकि निष्क्रिय रहने से कर्म करना श्रेष्ठ है। कर्म का त्याग करने से तुम्हारे शरीर का भरण पोषण भी संभव नहीं होगा।

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    1 分
  • दिव्य चेतना में स्थित मनुष्य | भगवतगीता श्लोक
    2025/01/30

    श्रीकृष्ण कहते हैं: हे पार्थ! जब कोई मनुष्य स्वार्थयुक्त कामनाओं और मन को दूषित करने वाली इन्द्रिय तृप्ति से संबंधित कामनाओं का परित्याग कर देता है और आत्मज्ञान को अनुभव कर संतुष्ट हो जाता है तब ऐसे मानव को दिव्य चेतना में स्थित कहा जा सकता है।

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    1 分
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