『Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui』のカバーアート

Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui

Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui

著者: Aaj Tak Radio
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10月19日まで。※適用条件あり
जमशेद क़मर सिद्दीकी के साथ चलिए कहानियों की उन सजीली गलियों में जहां हर नुक्कड़ पर एक नया किरदार है, नए क़िस्से, नए एहसास के साथ. ये कहानियां आपको कभी हसाएंगी, कभी रुलाएंगी और कभी गुदगुदाएंगी भी. चलिए, गुज़रे वक्त की यादों को कहानियों में फिर जीते हैं, नए की तरफ बढ़ते हुए पुराने को समेटते हैं. सुनते हैं ज़िंदगी के चटख रंगों में रंगी, इंसानी रिश्तों के नर्म और नुकीले एहसास की कहानियां, हर इतवार, स्टोरीबॉक्स में.

Jamshed Qamar Siddiqui narrates the stories of human relationships every week that take the listener on the rollercoaster of emotions, love, and laughter. Stories are written by Jamshed and by his fellow writers that talks about the various colors of life conflicts from father-son relationships to love triangle. Stories that let you be someone else for some time to see this world from a different angle.Copyright © 2026 Living Media India Limited
エピソード
  • सिगरेट के पैकेट से सरकार गिराने वाला शायर: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
    2026/10/17
    ये कहानी है उस शायर की जिसे एक तानाशाह ने इसलिए जेल में डाल दिया क्योंकि उसके लिखे हुए शेर आवाम को जगा देते थे, आवाम सड़क पर आकर अपने हक़ मांगने लगती थी. उस सनकी तानाशाह ने कह दिया कि इस शायर को जेल में अकेले रखो और इसे कागज़-कलम नहीं मिलने चाहिए. वैसा ही किया गया. शायर जेल में अकेले था, न कागज़ था न कलम - लेकिन कोई किसी के ख़याल कैसे छीन सकता है. उस शायर ने अपने ज़हन में शेर कहे और जब कोई उससे मिलने आता था तो उसकी सिगरेट की डिब्बी के अंदर से निकलने वाले चमकीले कागज़ पर वो शायर अपनी नज़्म, शेर, ग़ज़ल या इंक़लाबी नारा लिख देता था. और इस तरह उस शायर की आवाज़ जेल के बाहर हो रहे प्रोटेस्ट में शामिल होती रही. उसके शब्द तानाशाह के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों की आवाज़ बनते रहे. कौन था वो सनकी तानाशाह, कौन था ये शायर, इंकलाब की ये कहानी कहां की है? बता रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में.

    Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
    Producer - Maaz Siddiqui
    Sound - Piyush Kumar
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    18 分
  • नाना पाटेकर की आख़िरी ख़्वाहिश क्या थी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
    2026/10/10
    नाना पाटेकर ने न कभी कोई एक्टिंग स्कूल जॉइन किया और न ही किसी को एक्टिंग का गुरु बनाया. उन्होंने ज़िंदगी की धूप में तपकर असल ज़िंदगी के एहसास को जी कर सुख और दुख को समझा, उसी के हिसाब से एक्टिंग की. नाना पाटेकर ने हर बार किरदार की बारीकियां अपनी एक्टिंग में उतारकर दुनिया को चौंका दिया. चाहे वो क्रांतिवीर हो, वजूद हो, परिंदा हो, वेलकम हो या अब तक छप्पन - हर बार उन्होंने दर्शकों को अपने काम से चौंका दिया. फ़िल्मों के अलावा नाना पाटेकर असल ज़िंदगी में भी एक बेहतरीन इंसान थे. गांव की ज़िंदगी उन्हें पसंद थी और वो हमेशा उसी माहौल में जीना चाहते थे. आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हैं और कुछ सुने-अनसुने क़िस्से हैं जिन्हें स्टोरीबॉक्स के इस खास एपिसोड में याद कर रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.

    Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
    Producer - Maaz Siddiqui
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    15 分
  • साहिर लुधियानवी के 200 रुपये: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
    2026/10/03
    उर्दू शायर साहिर लुधियानवी ने एक बार अपने एक दोस्त को महज़ 200 रुपये उधार दिए थे. वो इसलिए क्योंकि वो शख्स बेरोज़गार था और उसके पास आखिरी 30 रुपये बचे थे, जो उसके खाने के लिए थे. वो आदमी तंगदस्ती में था, साहिर के पास पहुंचा और कुछ काम दिलवाने के लिए गुज़ारिश की. साहिर उस ज़माने पर छा चुके थे. उन्होंने उस शख्स से वादा किया कि देखते हैं कि क्या कर सकते हैं और साथ ही साथ 200 रुपये दे दिए. इस बात के साथ कि भई ये पैसे लौटा देना. ये उन्होंने इसलिए कहा ताकि लेने वाले को अहसान न लगे बल्कि उधार लगे. ये शख्स कौन था और वो 200 रुपये साहिर ने कब और कैसे वापस लिए? देखिए ‘स्टोरीबॉक्स’ का ये खास एपिसोड जिसमें क़िस्सा सुना रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.

    साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती
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    18 分
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