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Hello, I am Arti and you are listening to StoryJam. Here on my page, you can listen to Hindi and Urdu Stories by famous writers of Hindi sahitya/ literature. Here you will find stories and poetry by great authors of Hindi and Urdu. Some of these are classics and others are rare gems that you may never have heard or read. There are works by well known writers such as Premchand, Sharat Chandra, Manto, Ismat Chughtai, Mohan Rakesh, Phanishwar Nath Renu, Mannu Bhandari, Harishankar Parsai. Some are rare works by Dilip Kumar, Balraj Sahani and Gulzar.
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स्वयं प्रकाश का जीवन परिचय : 1947 में जन्मे स्वयं प्रकाश हिंदी साहित्यकार थे जिन्होंने कहानीकार के रूप में प्रसिद्धि पाई। साथ ही उन्होंने उपन्यास तथा हिंदी की और भी कई विधाओं में लिखा। स्वयं प्रकाश 'हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड' में सतर्कता अधिकारी और हिंदी अधिकारी रहे थे। विगत लगभग दो दशकों से वह भोपाल में रह रहे थे। प्रगतिशील लेखक संघ की मुखपत्रिका ‘वसुधा’ और बच्चों की चर्चित पत्रिका ‘चकमक’ के संपादक रहे स्वयं प्रकाश के एक दर्जन से अधिक कहानी संग्रह और पांच उपन्यास प्रकाशित हुए थे।
स्वयं प्रकाश के लिखे उपन्यास 'जलते जहाज पर' (1982), 'ज्योति रथ के सारथी' (1987), 'उत्तर जीवन कथा' (1993), 'बीच में विनय' (1994) और 'ईंधन' (2004) हैं। ‘सूरज कब निकलेगा’ राजस्थान के मारवाड़ इलाके में 70 के दशक में आई बाढ़ पर लिखी गयी कहानी है। राजस्थान स्वयं प्रकाश की कहानियों में अक्सर पाया जाता था।परिचयउन्होंने न केवल हिंदी से एमए और पीएचडी की, इसके अलावा उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री भी हासिल की थी। कहानी लेखन शुरू करने से पहले वह कविताएं लिखते थे और उन्होंने पांच उपन्यास लिखे। साथ ही जबकि नौ कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।स्वयं प्रकाश को वरिष्ठ कथाकार प्रेमचंद की परंपरा का महत्वपूर्ण कथाकार माना जाता है। इनकी कहानियों का अनुवाद रूसी भाषा में भी हो चुका है।