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S2E5 : रिश्ते निभाइए, लेकिन खुद को मत खोइए

S2E5 : रिश्ते निभाइए, लेकिन खुद को मत खोइए

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概要


नमस्ते, मैं सखी।


आज मैं आपसे एक ऐसी बात करना चाहती हूँ, जिसे अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं।


जब कोई कहता है "अपने लिए भी जीना सीखिए", तो लोग सोचते हैं शायद वो रिश्ते तोड़ने की बात कर रहा है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।


ज़िंदगी में हर रिश्ता तोड़ने के लिए नहीं होता।

कुछ रिश्ते ईश्वर का आशीर्वाद होते हैं,

कुछ हमारी ज़िम्मेदारी होते हैं,

और कुछ परिस्थितियां हमारी मजबूरी होती हैं।


हर बार उठ कर चले जाना समाधान नहीं होता,

लेकिन हर बार खुद को भूल देना भी समाधान नहीं होता।


अगर आप भी ऐसी किसी परिस्थिति में हैं जहाँ से अभी बाहर निकलना संभव नहीं है, तो ये एपिसोड सिर्फ आपके लिए है।


याद रखिये -

*रिश्ते निभाइए, लेकिन खुद को मत खोइए।*


आप अकेली नहीं हैं, मैं आपकी सखी आपके साथ हूँ।


#चुपसेआवाज़तक #सखी #हिन्दीपॉडकास्ट

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