エピソード

  • ।। बार-बार पुकारो ।।
    2026/10/01

    * स्वामी रामसुखदास जी का लेख -


    भगवान को वही भक्त प्यारा लगता है जिसका कोई दूसरा सहारा नहीं है


    इसलिए केवल भगवान के आश्रित रहे और भजन करें


    परमात्मा की प्राप्ति ऐसे है जैसे बालक अपनी मां के गोद में जाए


    भगवान की प्रति हमारी योग्यता से नहीं होती वह अपनी कृपा से ही अपना प्रेम दे देते हैं


    भक्त सच्चे हृदय से प्रार्थना करता है तो भगवान को आना ही पड़ता है


    बार-बार प्रार्थना करते ही रहो



    * गुरुदेव : वृत्ति को सुधारने में लगने के बजाय भगवान को पुकारते रहो । निर्बल कोई बनना नहीं चाहता परंतु इस यात्रा में चलते-चलते एक स्थिति ऐसी आती है की निर्बलता का अनुभव हो जाता है, कि मैं तो बिल्कुल बेकार हूं!

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    19 分
  • ।। अपना मान लो भगवान को ।।
    2026/09/17

    * अपना मान रखा है संसार और भजन कर रहे हैं भगवान का, कुछ नहीं होने वाला !


    * भगवान को नौकर बना रखा है, मेरा काम चमकाओ, बिजनेस बढ़ाओ


    * जिसको अपना माना, उस में प्रेम हो जाता है


    * भगवान की प्राप्ति के लिए घर छोड़ा, तो भगवान बिल्कुल भी मिलेंगे नहीं


    * जहां हो वहीं रहो जो काम मिला है वही करते रहो खाना बनाने का है खाना बना कपड़े धोने का है कपड़े धो, नीयत सेवा की कर लो


    * बच्चों में आसक्ति छोड़नी है ? उनको अपने बच्चे मत मानो, भगवान है ये, इनका कार्य करना भगवान की सेवा है


    * जब समझने से नहीं मानता तो भगवान कान ऐंठते हैं, घाटा कर देते हैं


    * भगवत प्राप्ति की लालसा पैदा होना कठिन है, भगवत प्राप्ति कठिन नहीं है


    * किसी तरह की चाह ना हो ना संसार की ना भगवान की, यह थोड़ी गहरी बात है


    * भगवान के अनुभव के बाद बस मस्ती और आनंद है

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    28 分
  • ।। भगवान planning तोड़ते है ।।
    2026/09/15

    * जितना भागवत प्राप्ति के विज्ञान का प्राकट्य भारत देश में हुआ है, उतना और कही नहीं हुआ है


    * कीर्तन, जप, भगवान का नाम, पवित्र करता है


    * इस संसार में एकदम कुछ भी हो सकता है, इस लिए जल्दी से जल्दी जागरण हो जाए


    * शुभ कर्म भगवान की कृपा से होते है, अशुभ कर्म मानव के अहंकार से होता है


    * वही शिव है, वही महावीर है, वही राम है, वही मोहम्मद हैं


    * ना इस संसार से भागना है, ना इसको भोगना है, यहां तो जागना है !!!


    * गलती को गलती स्वीकार करो और उनसे प्रार्थना करो


    * प्रदर्शन जीवन में नहीं होना चाहिए


    * पक्का विश्वास रखो इसी जनम में काम होगा

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    17 分
  • ।। अपने दोष, दूसरों के गुण ।।
    2026/09/15

    * प्रभु से प्रार्थना करो कि अपने दोष दिखाई दें


    * अध्यात्म का मार्ग, एक वैज्ञानिक मार्ग है


    * Benjamin Franklin अपने दोष लिख कर कुछ दिन बाद देखते थे कि वे कितने कम हुए


    * जब किसी जीवात्मा में कोई भी कामना रहेगी, जन्म होता रहेगा

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    19 分
  • ।। भगवान तो प्राप्त ही है ।।
    2026/09/15

    * चित्त भोगासक्ति में लगा है, इस लिए अनुभव नहीं हो रहा


    * मन अपने को ठग रहा है


    * आप लोगों को सुनने का व्यसन पड़ गया है, करते धरते कुछ नहीं


    * सीखने और जानने में अंतर होता है


    * कितने लोगों में यह भावना है, शरीर जाता हो तो चला जय ? आसक्तियां भरी पड़ी हैं


    * जितनी लगन से डिग्रियां प्राप्त करी हैं, वह इस बात के लिए नहीं है


    * सभी को भगवान का अंश मानकर उनकी सेवा में रस लो, इस जगत की सेवा में अपने को राख बनाना पड़ता है


    * भाव तो रखना है शुद्ध, व्यवहार वो जो जरूरत है

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    27 分
  • ।। घटनाओं का रहस्य ।।
    2026/09/15

    जैसे ही कोई परमात्मा की तरफ चलना शुरू करता है, अंदर से नई नई बातें उभर कर आती है, वह सब बाहर निकलती हुई दिखती हैं


    ऐसी घटनाओं से अहंकार कटता है


    ' कर्तव्यों पर आश्रित होना छोड़ दे, कर्म कर, आश्रय मेरा '


    अपना प्रयत्न, निर्भरता भगवान पर


    भगवान को भूले खुराफात दिखी


    " मैने अपने साधना में, गंदे विचार से कहा, तू ही रह, तुझे जाने नहीं दूंगा, वह टीका ही नहीं "


    भगवान प्राप्ति हर समय है, तुम्हारा ध्यान और चीजों में पड़ा हुआ है, जितना उधर से हटे, उतना ही ,प्राप्त भगवान का अनुभव हो जाएगा

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    17 分
  • ।। हर काम सत्संग बना लो ।।
    2026/09/02

    * संसार का काम ना मान कर, सब काम भगवान का मान लो


    * सत्तचर्चा होती है अधिकतर, सत्संग तो वही होता है जिसका साथ सत के साथ हो चुका


    * चेष्टा करनी चाहिए कि मन के ऊपर बुद्धि का राज्य रहे


    * साधना में regularity का बहुत महत्व है


    * लगे रहो लगे रहो, नहीं तो मृत्यु के समय बड़ा पश्चाताप होगा कि यह जनम भी व्यर्थ गया


    * वर्थ के जूठे सोशल रिलेशंस कम से कम होनी चाहिए


    * Illigal immoral कार्य कभी न करे


    * Shortcut मत ढूंढ़ो

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    15 分
  • ।। भगवान का अनुभव क्यों नहीं हो रहा ! ।।
    2026/08/27

    * जो सदा से हैं, सब जगह हैं, सबके हैं, सब में है, उनका अनुभव क्यों नहीं हो रहा


    * जब तक उनका अनुभव नहीं होगा , चैन मिलेगा नहीं


    * सभी अधिकतर परिस्थिति को सुधारने में लगे हुए है, यह एक बड़ी भूल है


    * परिस्थिति वश में नहीं होती, मन - स्थिति हो सकती है


    * " तू हे, तू मेरा है, सर्वशक्तिशाली है, मुझ पर कृपंकर दे " प्रार्थना करो !


    * कृपा तो हर समय हो ही रही है, उस पर दृष्टि नहीं जा रही


    * ज्योतिषियों के पास बिल्कुल मत जाना


    * दूसरों के दोष देखना बंद करदो,

    केवल अपने दोष देखो, दूसरों के गुण


    * बिना जाने भगवान से प्रेम करने लग जाओ

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    34 分