परंपरा, बिहार की लोक-संस्कृति और बदलती सोच — बातचीत राज नंदानी के साथ
इस एपिसोड में मेरी दोस्त राज नंदानी के साथ एक खुली और दिलचस्प बातचीत हुई—बिहार की परंपराओं और लोक-संस्कृति से लेकर इस सवाल तक कि बदलते समय के साथ हम अपनी जड़ों को कैसे आगे लेकर जा सकते हैं।
क्या परंपराओं को सिर्फ संभालकर रखना ही काफी है, या उन्हें नई पीढ़ी और नए दौर के हिसाब से नए तरीके से प्रस्तुत करने की जरूरत है? बिहार की लोक-संस्कृति को आगे बढ़ाने में हमारी सोच, हमारी जिम्मेदारी और हमारी नई पीढ़ी की भूमिका क्या हो सकती है?
इस बातचीत में संस्कृति, समाज, सोच और बदलाव को लेकर कई पहलुओं पर बात हुई—बिना किसी एक तय जवाब के, बल्कि सवालों और विचारों के साथ।
🎙️ Dhang Ki Baat with Anupam में ऐसी ही बातचीत, जहाँ मुद्दे सिर्फ काले या सफेद नहीं होते… उनके बीच के grey areas पर भी बात होती है।