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एनएल चर्चा 443: चुनाव से पहले INDIA गठबंधन का हल्लाबोल और दिवालिया प्रक्रिया में अडाणी का दबदबा

एनएल चर्चा 443: चुनाव से पहले INDIA गठबंधन का हल्लाबोल और दिवालिया प्रक्रिया में अडाणी का दबदबा

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एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ इण्डिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन के फैसले पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी 'लोकतंत्र बचाओ' रैली का ऐलान शामिल है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर 120 वायरल यूआरएल पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर न्यूज़लॉन्ड्री की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट पर भी गंभीरता से बात हुई.वहीं दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक, सीजेपी द्वारा मुंबई में और कई लेफ्ट व सिविल सोसाइटीज़ द्वारा दिल्ली में चुनाव आयोग में हुई गड़बड़ी के खिलाफ 2 अक्टूबर को प्रोटेस्ट की की गई घोषणा, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के यू- टर्न, फॉर्म-6 में अधिकृत जानकारी की शर्त हटाई गई, राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज, सपा ने मुकेश अंबानी के करीबी कारोबारी, परिमल नथवानी के बेटे धनराज नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया, सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के चार फ्रीज किए गए बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने से जुड़ी याचिका को खारिज किया, दिल्ली दंगा केस में उमर खालिद-शरजील इमाम को की जमानत याचिका फिर खारिज, संभल-हिंसा के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज पर लगा NSA रद्द, मामले में सुप्रीम कोर्ट की योगी सरकार पर कड़ी टिप्पणी और लगाया 10 लाख रुपए का जुर्माना, जम्मू-कश्मीर में CISF जवान ने अपने साथियों पर चलाई गोली, 4 सैनिकों की मौत, यूपी- बिहार में बाढ़ का कहर जारी और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने से किया इनकार आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहीं.इस हफ्ते चर्चा में जाने-माने पत्रकार, राजनीतिक टिप्पणीकार और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन जुड़े. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और खोजी पत्रकार बसंत कुमार, आस्था सव्यासाची शामिल हुईं. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.सुप्रीम कोर्ट के पटाखों पर पूरी तरह बैन को लेकर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “पिछली बार धार्मिक मसलों और पर्यावरण के बीच संतुलन बिठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक घंटे पटाखे जलाने की अनुमति दी थी ...
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