『वशिष्ठ वाणी: आत्म-ज्ञान की अमृतधारा (संकलन: महाबीर प्रसाद शर्मा)』のカバーアート

वशिष्ठ वाणी: आत्म-ज्ञान की अमृतधारा (संकलन: महाबीर प्रसाद शर्मा)

वशिष्ठ वाणी: आत्म-ज्ञान की अमृतधारा (संकलन: महाबीर प्रसाद शर्मा)

著者: Mahabir Prasad Sharma
無料で聴く

概要

"वशिष्ठ वाणी: आत्म-ज्ञान की अमृतधारा" एक पॉडकास्ट शृंखला हैं। इस शृंखला में 14 उपाख्यान (एपिसोड) हैं, जो 'योगवासिष्ठ महारामायण' के गहन ज्ञान पर आधारित है। इस श्रृंखला में, हम ब्रह्मर्षि वशिष्ठ द्वारा श्री राम को दिए गए उन 108 अमूल्य सदुपदेशों की यात्रा पर निकलेंगे, जो हमें जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने में मदद करते हैं। हम कर्म, पुरुषार्थ, भाग्य, जीवन-मृत्यु, मन का स्वरुप, आत्मज्ञान और मोक्ष जैसे विषयों पर सरल और सहज भाषा में चर्चा करेंगे। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य उस प्राचीन ज्ञान को आज के संदर्भ में प्रस्तुत करना है, ताकि श्रोता अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकें और आंतरिक शांति की खोज कर सकें।Mahabir Prasad Sharma スピリチュアリティ ヒンズー教
エピソード
  • एपिसोड 15: श्री हरि की स्तुति
    2026/01/10

    भक्त प्रहलाद द्वारा की गई श्री हरि स्तुति का संक्षिप्त सार:

    • पाप नाशक व रक्षक: श्री हरि अज्ञान का अंधकार मिटाने वाले परम प्रकाश और शरणागतों के रक्षक हैं।

    • दिव्य स्वरूप: प्रभु नीलमणि के समान श्याम वर्ण के हैं, जो शंख-चक्र-गदा-पद्म धारण करते हैं और भक्तों के हृदय में निवास करते हैं।

    • विराट शक्ति: वे बाल रूप में भी समस्त सृष्टि को अपने उदर में समेटे हुए हैं और जन्म-मृत्यु के विकारों से मुक्त हैं।

    • सौंदर्य व कृपा: माता लक्ष्मी के साथ सुशोभित भगवान विष्णु अपने भक्तों के मोह और दुखों को वैसे ही नष्ट करते हैं जैसे सूर्य अंधकार को।

    続きを読む 一部表示
    12 分
まだレビューはありません