एपिसोड 3: धन योग, विपरीत राजयोग और भाव निर्णय का त्रि-सूत्र
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इस अंतिम भाग में कुंडली विश्लेषण के सबसे गहरे 4 सिद्धांतों (स्टेप्स 9 से 12) की चर्चा की गई है—
- शुभ व अशुभ भावेशों का मिलन: धन योग, दरिद्र योग तथा विपरीत राजयोग के बनने के नियम।
- स्व-दृष्टि व भाव सुरक्षा: भावपति या शुभ ग्रहों की दृष्टि से भाव के फलों की सुरक्षा का सिद्धांत।
- द्वि-स्वामित्व व मूलत्रिकोण नियम: एक ग्रह के दो भावों के स्वामी होने पर उसकी मूलत्रिकोण राशि का प्रभाव।
- भाव निर्णय का त्रि-स्तरीय नियम: किसी भी भाव का अंतिम फल निकालने के लिए भाव, भावेश और कारक का त्रि-स्तरीय आकलन।
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