『vikkindiaevents』のカバーアート

vikkindiaevents

vikkindiaevents

著者: kuldip kumar
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概要

https://paypal.me/vikkindiamedia Welcome to my first podcast , I hope you enjoy listening to it!

Copyright 2023 kuldip kumar
音楽
エピソード
  • jai Mata Lakshmi
    2026/02/07
    जय जय माँ महालक्ष्मी, करुणा अमृत बरसाओ,आठों रूपों में आकर, जीवन दीप जलाओ।धन भी तुम, धान्य भी तुम, ज्ञान-विजय की ज्योति,भक्तों के हर श्वास में बसो, माँ शुभ मंगलमूर्ति।जय जय हे हरि की प्रिया, कमलवासी भवतारिणी,अष्टलक्ष्मी अम्बे माँ, कर दो कृपा अपारिणी।तेरे नाम की धुन गूँजे, हर दिल हर इक वेंट्स,भक्ति रंग में रँग दे जग को — विक्कइंडियाइवेंट्स॥अनादि अनन्ता आदिशक्ति, सृष्टि की प्रथम उजियारी,वेदों की वाणी मोक्षदायिनी, तुमसे जगत सँवारा सारी।कमलासन पर शान्त विराजी, करुणा सुधा बरसाओ,जीवन के हर आरम्भ में माँ, मंगल दीप जलाओ।तेरी कृपा की धुन बजे, मन मंदिर में सदा सेंट्स,भक्ति स्वर गूँज उठे जग में — विक्कइंडियाइवेंट्स॥अन्नपूर्णा रूप धरो माँ, भूखे का तुम आधार,धान्य बरसे तेरी कृपा से, भर जाए हर संसार।क्षीरसागर से आई माँ, मंगलमयी दुलारी,हर कण में तेरी माया बसती, जीवन फुलवारी।तेरी महिमा गाएँ सब, झूमे धरा और स्काई,भक्ति का हर उत्सव बोले — विक्कइंडियाइवेंट्स आई॥भय हरने वाली माँ आओ, हृदय में साहस भर दो,अंधियारे पथ पर दीप जला, जीवन उज्ज्वल कर दो।संकट में संबल बनकर, साथ सदा निभाना,तेरी शक्ति से हर बाधा को, हमको पार लगाना।हर जीत की धुन बजे, हर दिल बोले प्रेज़ेंट्स,माँ की कृपा संग सजता — विक्कइंडियाइवेंट्स॥गजराज संग कमल विहारिणी, वैभव की तुम धारा,राज्य-समृद्धि, यश और कीर्ति, देती जगत सँवारा।हरि-हर-ब्रह्मा पूजें तुमको, महिमा तेरी न्यारी,घर-घर लक्ष्मी पधारो माता, मिटे दरिद्रता सारी।ढोल-शंख की धुन बजे, खुशियों के हो मोमेंट्स,माँ की कृपा संग जगमग — विक्कइंडियाइवेंट्स॥ममता की मूर्ति बनकर माँ, गोद सुखों से भर दो,हर आँगन में हँसी खिले, ऐसा वरदान कर दो।संतान सुख और कुल की ज्योति, तेरे चरणों से पाते,प्रेम धारा से जीवन को, मधुर बनाते जाते।नन्ही खुशियाँ गाएँ मिलकर, प्रेम के मीठे सेंट्स,हर घर उत्सव बन जाए — विक्कइंडियाइवेंट्स॥विजय पताका हाथ लिए, रण में साथ निभाओ,सत्य-धर्म के पथ पर चलकर, जय का फल दिलवाओ।कर्मभूमि में शक्ति देकर, हर संघर्ष जिताओ,तेरी कृपा से जीवन में माँ, विजय दीप जलाओ।जीत की गूँजे हर धुन, हर मंच बने टैलेंट्स,माँ के आशीष से चमके — विक्कइंडियाइवेंट्स॥सरस्वती संग विराजो माँ, बुद्धि की ज्योति जलाओ,अज्ञान तिमिर मिटाकर, मन ...
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    6 分
  • om Namoh devraha namoh namah
    2026/02/03

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    6 分
  • Amar sharda sinha ji
    2026/02/03

    जब उगता सूरज हँसकर बोले,

    जब अर्घ्य में विश्वास डोले,

    उस उजास में जो स्वर समाया,

    वो शारदा का गीत कहलाया…


    केलवा के पात पर, खुशियों का गीत सजे,

    शारदा के सुर में, छठ के रंग रचे।

    पहिले पहिल छठी मैया, व्रत की धुन लहराए,

    उग हो सुरज देव, सारा जग झूम जाए!


    समस्तीपुर की माटी हँसी, सुरों ने पंख लगाए,

    माँ की लोरी, नानी की कथा, गीत बनकर आए।

    शास्त्र की रेखा, लोक की खुशबू,

    हर आवाज़ में बस गया बिहार का जादू।


    सत्तर में जब पहला सुर मुस्काया,

    “उग हो सुरज देव” ने मन को नचाया।

    सादा जीवन, ऊँची उड़ान,

    शारदा नाम बना पहचान।



    हो दीनानाथ, आज आसमान झूमे,

    शारदा के गीतों में, हर सपना झूमे।

    केलवा के पात पर, दीपों की कतार,

    बिहार कोकिला गाए, खुशियों की बहार!


    सिहमा गाँव की गलियों से,

    गीत चले दुनिया सारी।

    मैथिली, भोजपुरी, मगही में,

    भक्ति लगी सबसे प्यारी।


    ना शोहरत की चाह, ना मंच का शोर,

    बस छठी मैया और सुरों का डोर।

    करोड़ों दिलों की एक ही पुकार—

    शारदा के बिना छठ अधूरा यार!


    जो सच्चे मन से गाए,

    वो कभी हार न पाए।

    जो भक्ति को जीवन बनाए,

    वो अमर कहलाए।

    शारदा ने सिखाया यही—

    सुरों से भी रोशनी आए।



    केलवा के पात पर, सूरज ताली बजाए,

    शारदा की धुन में, हर दिल नाच जाए।

    पहिले पहिल छठी मैया, आज भी बुलाए,

    बिहार कोकिला अमर, युग-युग मुस्काए!


    पाँच नवंबर आया, आँखें नम हुईं,

    पर सुरों की धूप कभी कम न हुई।

    देह गई, पर आवाज़ रही,

    हर छठ सवेरा में शारदा बसी।


    गाओ, नाचो, अर्घ्य सजाओ,

    शारदा के गीतों में छठ मनाओ।

    सुर, श्रद्धा और मुस्कान—

    vikkindiaevents hamesha बिहार कोकिला को kareh शत-शत प्रणाम × 3

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    4 分
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