संत दादू दयाल: प्रेम, समरसता और निर्गुण भक्ति का अमर संदेश | संत चरित्रावली
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संत चरित्रावली के इस प्रेरणादायक एपिसोड में जानिए 16वीं शताब्दी के महान संत, समाज सुधारक और निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख आचार्य संत दादू दयाल के जीवन और उनके दिव्य संदेश के बारे में।
राजस्थान की पावन भूमि पर संत दादू दयाल ने प्रेम, शांति, समानता और ईश्वर भक्ति का ऐसा प्रकाश फैलाया जिसने हजारों लोगों के जीवन को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने जाति-पाँति, ऊँच-नीच, बाह्य आडंबरों और कर्मकांडों का विरोध करते हुए मानवता, सदाचार और आत्मिक शुद्धता को सच्चे धर्म का आधार बताया।
इस एपिसोड में आप जानेंगे दादू दयाल के जीवन की प्रमुख घटनाएँ, उनकी आध्यात्मिक साधना, उनके उपदेशों में निहित व्यावहारिक दर्शन तथा उनके द्वारा स्थापित दादूपंथ की परंपराओं के बारे में। साथ ही, उनके अनुयायियों की विभिन्न शाखाओं, पवित्र स्थलों, रीति-रिवाजों और समृद्ध साहित्यिक धरोहर का भी परिचय प्राप्त करेंगे।
संत दादू की वाणी आज भी मानव मात्र को प्रेम, करुणा, सहिष्णुता और ईश्वर के प्रति सच्चे समर्पण का मार्ग दिखाती है। आइए, इस प्रेरक जीवनगाथा के माध्यम से उनके अमर संदेश को समझें और आत्मिक उन्नति की ओर एक कदम बढ़ाएँ।
🙏 "दादू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।
सार-सार को गहि रहे, थोथा देई उड़ाय॥"