『सरसी छंद के शास्त्रीय विधान एवं प्रयोग』のカバーアート

सरसी छंद के शास्त्रीय विधान एवं प्रयोग

सरसी छंद के शास्त्रीय विधान एवं प्रयोग

無料で聴く

ポッドキャストの詳細を見る

概要

इस ज्ञानवर्धक चर्चा में सरसी छंद के शास्त्रीय विधान और उसके विविध भाषाई स्वरूपों का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया गया है। यह छंद लोक और शास्त्र के सुंदर समन्वय का उदाहरण है, जो भोजपुरी होली गीतों से लेकर छत्तीसगढ़ के राउत नाचा दोहों तक व्यापक रूप से प्रचलित रहा है।

एपिसोड में बताया गया है कि सरसी छंद एक मात्रिक छंद है, जिसकी प्रत्येक पंक्ति में कुल 27 मात्राएँ होती हैं। इसके विषम चरण चौपाई की तरह 16 मात्राओं के और सम चरण दोहा शैली में 11 मात्राओं के होते हैं। इस संरचना के कारण छंद में लय, प्रवाह और गेयता स्वतः उत्पन्न होती है।

चर्चा के दौरान उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि सरसी छंद का प्रयोग केवल लोकगीतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक विसंगतियाँ, पारिवारिक दायित्व, नैतिक मूल्य और राष्ट्रप्रेम जैसे गंभीर विषय भी प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किए गए हैं।

यह एपिसोड हिंदी और छत्तीसगढ़ी साहित्य की साझा काव्य परंपरा को समझने, सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सार्थक प्रयास है, जो लोकछंदों की जीवंतता और प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।

まだレビューはありません