विचारोत्तेजक छत्तीसगढ़ी कहानी — “शब्दभेदी बाण”,
カートのアイテムが多すぎます
カートに追加できませんでした。
ウィッシュリストに追加できませんでした。
ほしい物リストの削除に失敗しました。
ポッドキャストのフォローに失敗しました
ポッドキャストのフォロー解除に失敗しました
-
ナレーター:
-
著者:
概要
आज के सुरता कहानी वाचन में प्रस्तुत है छत्तीसगढ़ी कथा “शब्दभेदी बाण” — लेखक चन्द्रहास साहू की एक सशक्त और संवेदनशील रचना।
यह कहानी नए समय की सामाजिक सच्चाइयों को सामने लाती है, जहाँ पारंपरिक रिश्तों की ऊष्मा और आधुनिक अपेक्षाओं का टकराव स्पष्ट दिखाई देता है। ननद–भौजी की तकरार, भाई–बहन के अटूट स्नेह और दहेज की बदलती मानसिकता के बीच कहानी का नायक अँजोर एक ऐसे व्यक्ति के रूप में उभरता है, जो कला, श्रम और त्याग के सहारे परिवार की जिम्मेदारियों को निभाता है।
“शब्दभेदी बाण” केवल एक कथा नहीं, बल्कि यह प्रश्न है —
क्या आज भी वचन, शब्द और नैतिकता समाज की विसंगतियों को भेद पाने में सक्षम हैं?
या फिर सबसे गहरा आघात अपनों से ही मिलता है?
लोककला, पारिवारिक संवेदना, सामाजिक विडंबना और मानवीय करुणा से बुनी यह कहानी श्रोताओं को भीतर तक झकझोरती है और सोचने के लिए विवश करती है।
सुरता के साथ जुड़िए और सुनिए —
छत्तीसगढ़ की माटी से निकली
एक सशक्त, मार्मिक और समय से संवाद करती कहानी।