रथ रूपक - शरीर, मन और आत्मा का विज्ञान | The Chariot Metaphor
カートのアイテムが多すぎます
ご購入は五十タイトルがカートに入っている場合のみです。
カートに追加できませんでした。
しばらく経ってから再度お試しください。
ウィッシュリストに追加できませんでした。
しばらく経ってから再度お試しください。
ほしい物リストの削除に失敗しました。
しばらく経ってから再度お試しください。
ポッドキャストのフォローに失敗しました
ポッドキャストのフォロー解除に失敗しました
-
ナレーター:
-
著者:
हम जीवन को जी रहे हैं, या जीवन हमें जी रहा है? कठोपनिषद का सबसे प्रसिद्ध 'रथ रूपक' इस एपिसोड का मुख्य विषय है । यमराज समझाते हैं: शरीर एक रथ है, इन्द्रियाँ घोड़े हैं, मन लगाम है, बुद्धि सारथि है, और आत्मा इस रथ का मौन स्वामी है । जब इन्द्रियां बेलगाम हो जाती हैं और बुद्धि सो जाती है, तो रथ भटक जाता है । लेकिन जब मन अनुशासित होता है और बुद्धि जाग्रत होती है, तो यह रथ हमें परम गंतव्य तक पहुंचाता है । इस एपिसोड को सुनकर अपने भीतर के 'साक्षी' को पहचानें और जानें कि आप शरीर या मन नहीं, बल्कि इस जीवन-रथ के वास्तविक स्वामी हैं
adbl_web_anon_alc_button_suppression_t1
まだレビューはありません