बांकीपुर की झांकी, चावलपंथी समाज और गाड़ियों में रसावल : तीन ताल S2 168
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- प्रशांत किशोर की मेहनत का फल और दतिया के ऊपर नरोत्तम मिश्रा की मूंछें
- अनंत सिंह का 'जनता मालिक है' और बिहार का मूड
- E20 की तकनीक और जनता की शंका, JPSC-JSSC का संकट और युवाओं का धैर्य
- नरेंद्र मोदी की वर्टिकल रील और गैसलाइटिंग वाली प्रतिक्रिया
- इस्लामाबाद की बेचैनी और सत्ता की बेबसी का लमलेट वर्जन
- POK के नागरिकों की 38 मांगें और तख्तापलट की सुगबुगाहट
- एजेंडा में चावल : धान की नर्सरी और दाल-भात की नागरिकता
- रोपनी के गीत और बिरयानी की शान, माड़ का विज्ञान और बासमती का घमंड
- हरी मिर्च, घी, नमक और भारतीय सुख का न्यूनतम पैकेज
- हांडिया, अपोंग, ज़ुथो और चावल का नशेड़ी पक्ष, चावल का मल्टीवर्स और हर रसोई का संस्करण
- बिज़ार खबर में : 700 पेड़ों की शहादत और 10 हज़ार पौधों का उद्घाटन
- प्रिय तीन तालियों की चिट्ठियां
- प्रड्यूसर : अतुल
- साउंड मिक्स : रोहन
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