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गरुड़ पुराण: जीवन, कर्म और परलोक का रहस्य

गरुड़ पुराण: जीवन, कर्म और परलोक का रहस्य

著者: रमेश चौहान
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“गरुड़ पुराण: जीवन, कर्म और परलोक का रहस्य” एक साप्ताहिक आध्यात्मिक पॉडकास्ट श्रृंखला है, जिसमें सनातन धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ गरुड़ पुराण के अध्यायों की सरल, सारगर्भित और विश्लेषणात्मक व्याख्या प्रस्तुत की जाती है। गरुड़ पुराण भगवान विष्णु और गरुड़ के मध्य संवाद के रूप में रचित एक महत्वपूर्ण पुराण है, जिसमें जीवन, मृत्यु, कर्म, धर्म, आत्मा की यात्रा और परलोक से जुड़े गहन आध्यात्मिक सिद्धांतों का वर्णन मिलता है। इस श्रृंखला में प्रत्येक एपिसोड में गरुड़ पुराण के एक-एक अध्याय को क्रमवार लिया जाएगा और उसके संदेश, दार्शनिक अर्थ तथा जीवनोपयोगी शिक्षाओं पर चर्चा की जाएगी।रमेश चौहान スピリチュアリティ
エピソード
  • अमृतेश्वर उपासना और मृत्युञ्जय साधना का रहस्य
    2026/07/18

    इस एपिसोड में जानिए गरुड़ महापुराण के पूर्वखण्ड के अष्टादश अध्याय में वर्णित भगवान अमृतेश्वर की उपासना, मृत्युञ्जय साधना, ध्यान, न्यास और आध्यात्मिक अमृतत्व का गहन रहस्य। यह चर्चा बताती है कि वैदिक साधना का उद्देश्य केवल भय से मुक्ति नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण और मोक्ष की प्राप्ति भी है।क्या मृत्यु के भय पर विजय पाई जा सकती है? इस एपिसोड में गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्युञ्जय साधना, मंत्र-जप और ईश्वर चिंतन के आध्यात्मिक महत्व को सरल और गहन रूप में समझिए।भगवान अमृतेश्वर की उपासना कैसे की जाती है? इस चर्चा में पूजा-विधि, ध्यान, अर्घ्य, न्यास, मुद्राएँ और साधना के क्रम का शास्त्रीय विवेचन प्रस्तुत किया गया है।


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    23 分
  • सूर्य देव की शास्त्रोक्त पूजा कैसे करें? | गरुड़ पुराण अध्याय 17
    2026/07/11

    गरुड़ पुराण: जीवन, कर्म और परलोक का रहस्य" के इस एपिसोड में प्रस्तुत है गरुड़ महापुराण के पूर्वखण्ड के सप्तदश अध्याय का विस्तृत एवं आध्यात्मिक विवेचन।

    यह अध्याय भगवान सूर्य की शास्त्रोक्त उपासना, वैदिक अनुष्ठानों और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के गहन रहस्यों का वर्णन करता है। इसमें साधक के लिए एक पवित्र मण्डल की रचना, देवताओं का आवाहन, नवग्रहों एवं द्वादश आदित्यों की स्थापना तथा विभिन्न मंत्रों और मुद्राओं के माध्यम से उपासना की विस्तृत प्रक्रिया बताई गई है।

    इस एपिसोड में आप जानेंगे—

    🔹 भगवान सूर्य की उपासना का आध्यात्मिक और वैदिक महत्व
    🔹 आठ पंखुड़ियों वाले कमल मण्डल की रचना और उसका प्रतीकात्मक अर्थ
    🔹 देवता के आवाहन, न्यास और पवित्र मुद्राओं की भूमिका
    🔹 नवग्रहों और द्वादश आदित्यों की स्थापना का शास्त्रीय आधार
    🔹 हृदय, नेत्र और अस्त्र मंत्रों का आध्यात्मिक महत्व
    🔹 इंद्र सहित लोकपालों तथा शेषनाग जैसे दिव्य नागों के पूजन का उद्देश्य
    🔹 सौर उपासना के माध्यम से आत्मिक अनुशासन, एकाग्रता और आंतरिक प्रकाश की साधना

    यह अध्याय स्पष्ट करता है कि वैदिक उपासना केवल बाहरी अनुष्ठानों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह साधक को ब्रह्मांड की दिव्य व्यवस्था से जोड़ने का माध्यम है। सूर्य, नवग्रह, आदित्य, लोकपाल और अन्य दैवी शक्तियों का स्मरण हमें प्रकृति, समय और सृष्टि के बीच विद्यमान सामंजस्य का बोध कराता है।

    गरुड़ पुराण का यह प्रसंग हमें प्रेरित करता है कि हम उपासना को केवल कर्मकांड के रूप में नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन, कृतज्ञता और आध्यात्मिक जागरण की साधना के रूप में समझें।

    यदि आप गरुड़ पुराण, सूर्य उपासना, नवग्रह पूजा, वैदिक अनुष्ठान, सनातन धर्म, वैष्णव परंपरा और आध्यात्मिक साधना के गहन रहस्यों को समझना चाहते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए अत्यंत उपयोगी है।

    श्रवण करें, चिंतन करें और गरुड़ पुराण के दिव्य ज्ञान के साथ जीवन, कर्म और परलोक के रहस्यों को क्रमशः समझने की इस आध्यात्मिक यात्रा में हमारे साथ जुड़े रहें।

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    21 分
  • सौर गायत्री, अर्घ्य और वैदिक उपासना का महत्व
    2026/07/04

    "गरुड़ पुराण: जीवन, कर्म और परलोक का रहस्य" के इस एपिसोड में प्रस्तुत है गरुड़ महापुराण के पूर्वखण्ड के षोडश अध्याय का गहन और प्रेरणादायक विवेचन।

    इस अध्याय में भगवान विष्णु के निराकार, सर्वव्यापी और परम चेतना स्वरूप का वर्णन किया गया है। साथ ही, सूर्य देव की वैदिक उपासना, नवग्रह पूजन, सौर गायत्री मंत्र और अर्घ्य अर्पण की शास्त्रोक्त विधियों का विस्तार से निरूपण किया गया है।

    इस एपिसोड में आप जानेंगे—

    🔹 भगवान विष्णु के निराकार और सर्वव्यापी स्वरूप का आध्यात्मिक अर्थ
    🔹 ध्यान के माध्यम से आत्मशुद्धि और ईश्वर से एकत्व का मार्ग
    🔹 सूर्य उपासना का वैदिक महत्व और उसके आध्यात्मिक लाभ
    🔹 मूल सूर्य मंत्र और सौर गायत्री की महिमा
    🔹 नवग्रह पूजन का उद्देश्य और धार्मिक महत्व
    🔹 भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की शास्त्रीय विधि
    🔹 वैदिक साधना के माध्यम से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति

    यह अध्याय हमें सिखाता है कि ध्यान और उपासना केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को प्रकाशित करने वाली आध्यात्मिक साधनाएँ हैं। भगवान विष्णु का चिंतन और सूर्य आराधना साधक को अनुशासन, आंतरिक शक्ति और परमात्मा के प्रति समर्पण की भावना प्रदान करते हैं।

    यदि आप सनातन धर्म, वैदिक उपासना, ध्यान योग, सूर्य साधना और गरुड़ पुराण के गहन आध्यात्मिक संदेशों को समझना चाहते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए अत्यंत उपयोगी है।

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    25 分
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