『Bento Wali Vidhwa - बेटों वाली विधवा - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद』のカバーアート

Bento Wali Vidhwa - बेटों वाली विधवा - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद

プレビューの再生

聴き放題対象外タイトルです。Audibleプレミアムプラン登録で、非会員価格の30%OFFで購入できます。

¥434で会員登録し購入
オーディオブック・ポッドキャスト・オリジナル作品など数十万以上の対象作品が聴き放題。
オーディオブックをお得な会員価格で購入できます。
30日間の無料体験後は月額¥1500で自動更新します。いつでも退会できます。

Bento Wali Vidhwa - बेटों वाली विधवा - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद

著者: Munshi Premchand
ナレーター: Team Sahitya Chintan
¥434で会員登録し購入

30日間の無料体験後は月額¥1500で自動更新します。いつでも退会できます。

¥620 で購入

¥620 で購入

पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्‍वाँरी थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शोक तो हुआ और कई दिन तक बेहाल पड़ी रही, लेकिन जवान बेटों को सामने देखकर उसे ढाढ़स हुआ। चारों लड़के एक-से-एक सुशील,चारों बहुएँ एक-से-एक बढ़कर आज्ञाकारिणी। जब वह रात को लेटती, तो चारों बारी-बारी से उसके पाँव दबातीं; वह स्नान करके उठती, तो उसकी साड़ी छाँटतीं। सारा घर उसके इशारे पर चलता था। बड़ा लड़का कामता एक दफ्तर में 50 रू. पर नौकर था, छोटा उमानाथ डाक्टरी पास कर चुका था और कहीं औषधालय खोलने की फिक्र में था, तीसरा दयानाथ बी. ए. में फेल हो गया था और पत्रिकाओं में लेख लिखकर कुछ-न-कुछ कमा लेता था,चौथा सीतानाथ चारों में सबसे कुशाग्र बुद्धि और होनहार था और अबकी साल बी. ए. प्रथम श्रेणी में पास करके एम.

Please note: This audiobook is in Hindi.

©2018 Sahitya Chintan (P)2018 Sahitya Chintan
大衆小説 現代文学
adbl_web_anon_alc_button_suppression_c
まだレビューはありません