『Atmamanthan Kabir Vani Sang (Hindi Edition)』のカバーアート

Atmamanthan Kabir Vani Sang (Hindi Edition)

Kabhi To Swayam Ko Samjho

プレビューの再生

Audibleプレミアムプラン30日間無料体験

プレミアムプランを無料で試す
オーディオブック・ポッドキャスト・オリジナル作品など数十万以上の対象作品が聴き放題。
オーディオブックをお得な会員価格で購入できます。
30日間の無料体験後は月額¥1500で自動更新します。いつでも退会できます。

Atmamanthan Kabir Vani Sang (Hindi Edition)

著者: Sirshree
ナレーター: Leena Bhandari
プレミアムプランを無料で試す

30日間の無料体験後は月額¥1500で自動更新します。いつでも退会できます。

¥900 で購入

¥900 で購入

概要

आत्ममंथन

कबीर वाणी संग

मंथन से मिले असली घी (गीता)

कभी तो स्वयं को समझो

दही को मथने पर मक्खन निकलता है। मक्खन दही में छिपा हुआ है। उसे बाहर निकालने के लिए मंथन आवश्यक है। मक्खन से ही सच्चा घी, सच्ची घीता (गीता) निर्माण होती है। आपको मंथन शक्ति से यह गीता प्राप्त करनी है।

मक्खन से जो निकला वह घी था और मनन से निकलती है गीता। मन और देह के बीच जब मंथन होगा, जब श्रवण की मथनी माया को छिन्न-भिन्न करेगी तब ही आप अपनी गीता जान पाएँगे। इसके लिए अपने मटके को मजबूत और साफ रखना होगा। यह मटका, यह शरीर मजबूत होगा तब ही यह श्रवण की मथनी को झेल पाएगा।

हर एक की गीता अलग है। जीवन के महाभारत में हर एक की भूमिका अलग है। इसलिए हरेक को आत्म-मंथन करना चाहिए। मथनी आपके हाथ में है।

इस पुस्तक द्वारा अपने आपको जानकर, अपने शरीर की वृत्तियों को परखकर, इसके संस्कार और पैटर्न छानकर आप स्वयं अपनी 'विश्वास गीता' का मंथन करने में काबिल हो सकते हैं।

आइए मनन की मथनी से आत्म-मंथन कर, सत्य का मक्खन पाएँ।

लोग जीवन के सबक खट्टे-मीठ्ठे अनुभवों द्वारा सीखते हैं

मगर बिना गिरे भी अनेक सबक

मनन-मंथन की शक्ति द्वारा सीखे जा सकते हैं।

Please note: This audiobook is in Hindi.

©Sirshree (P)2025 Tejgyan Global Foundation
オカルト現象 自己啓発
まだレビューはありません